Prashant Shakun

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Prashant Shakun shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Prashant Shakun's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

ख़ामोशी, बेचैनी, यादें तेरी, मेरा ख़ालीपन कितना कुछ है कमरे में तेरे और मेरे सिवा — Prashant Shakun

Ghazal

तुम को भी गर ठोकर में अपनी ये ज़माना चाहिए अमा मियाँ कुछ तो हुनर तुम को भी आना चाहिए आते हैं तेरी गली हर रोज़ फ़क़त दीदार वास्ते कभी - कभी तुम्हें भी मेरी गली आना चाहिए तोहफ़े में मिला गुलाब हाथों में लिए फिरते हो इश्क़ है अभी नया नया इसे अभी छुपाना चाहिए ख़्वाबों में ही आना मिलने मुझ सेे तुम हर बार दरमियाँ अपने नहीं मुझ को ये ज़माना चाहिए आशिक़ हूँ तुम्हारा मुझे आवारा न समझना तुम यूँँ बे-रुख़ी से इश्क़ नहीं आज़माना चाहिए कितनी हसरत लिए आते हैं गली में तुम्हारी तुम्हें भी तो एक दफ़ा दरीचे तक आना चाहिए अच्छी लगती है अना शख़्सियत पर तुम्हारी कुछ ग़ुरूर हमें भी अब ख़ुद पर आना चाहिए रूठने का हक़ तुम्हारा ही नहीं मेरा भी तो है मैं जो रूठूँ कभी तुम्हें भी मुझे मनाना चाहिए — Prashant Shakun

Nazm