देखो मेरे यार नहीं चलता मुझको
कुछ दिन वाला प्यार नहीं चलता मुझको
तेरे साथ ख़ुशी थी हद से ज़्यादा ही
कुछ भी हद के पार नही चलता मुझको
लोग कहाँ हैं सादे अब?
कौन निभाए वादे अब?
है दुनिया ये घोड़ों की
मर जाते हैं प्यादे अब
उम्र लम्बी कर चुके हैं पार हम
पर उसी से कर रहे हैं प्यार हम
फूल ही थे मौसमों ने कर दिए
आज सूखे और कांटेदार हम
तुमसे कहते जाने क्यों घबराते हैं
अपने अंदर बेमतलब चिल्लाते है
कितनी मजबूरी है कितने बेबस हैं
नम्बर है पर कॉल नहीं कर पाते हैं
सहरा सहरा जंगल जंगल आउंगा
तेरे पीछे पैदल पैदल आउंगा
तुझको इतना ज़्यादा सोचा जाता है
तेरा पेपर हो तो अव्वल आउंगा
कोई दिन हम तेरे बिन भी देखेंगे
सोचा नईं था ऐसे दिन भी देखेंगे
लगता नईं है उससे मिलना होगा अब
लगता नईं है अच्छे दिन भी देखेंगे