Saleem Siddiqui

Saleem Siddiqui

@saleem-siddiqui

Saleem Siddiqui shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saleem Siddiqui's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

Sher

एक बच्ची से ख़रीदे थे ये गजरे हम ने लौट कर हम किसी मुजरे से नहीं आए हैं — Saleem Siddiqui
कोई भी आ के हँसा दे हँसी से मतलब है हमें चराग़ नहीं रौशनी से मतलब है — Saleem Siddiqui
जब से सीखा है हुनर शीशागरी का मैं ने बस उसी दिन से ये दुनिया है कि पत्थर हुई है — Saleem Siddiqui
हम को उड़ने के तरीक़े न सिखाओ हम लोग पेड़ से आए हैं पिंजरे से नहीं आए हैं — Saleem Siddiqui
कौन सा जुर्म ख़ुदा जाने हुआ है साबित मशवरे करता है मुंसिफ़ जो गुनहगार के साथ — Saleem Siddiqui
उम्र भर जिस के लिए पेट से बाँधे पत्थर अब वो गिन गिन के खिलाता है निवाले मुझ को — Saleem Siddiqui

Ghazal

इतनी क़ुर्बत भी नहीं ठीक है अब यार के साथ ज़ख़्म खा जाओगे खेलोगे जो तलवार के साथ एक आहट भी मिरे घर से उभरती है अगर लोग कान अपने लगा लेते हैं दीवार के साथ पाँव साकित हैं मगर घूम रही है दुनिया ज़िंदगी ठहरी हुई लगती है रफ़्तार के साथ एक जलता हुआ आँसू मिरी आँखों से गिरा बेड़ियाँ टूट गईं ज़ुल्म की झंकार के साथ कल भी अनमोल था मैं आज भी अनमोल हूँ मैं घटती बढ़ती नहीं क़ीमत मिरी बाज़ार के साथ कज-कुलाही पे न मग़रूर हुआ कर इतना सर उतर आते हैं शाहों के भी दस्तार के साथ कौन सा जुर्म ख़ुदा जाने हुआ है साबित मशवरे करता है मुंसिफ़ जो गुनहगार के साथ शहर भर को मैं मुयस्सर हूँ सिवाए उस के जिस की दीवार लगी है मिरी दीवार के साथ — Saleem Siddiqui