Samar Pradeep

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@samar_pradeep

Samar Pradeep shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Samar Pradeep's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Ghazal

Nazm

"कश्ती" ये बात समझने में बहुत देर हो गई तुझे किसी और के साथ चलना था सियाह रात में कई ख़्वाब बुन लिए ख़्वाब जिन्हें कहाँ मुकम्मल होना था ख़ाली कमरे में अब तेरी सदा ढूंँढता हूँ ज़ख़्म-ए-दिल-ओ-जां की दवा ढूंँढता हूँ बर्फ़ की मानिंद वक़्त भी पिघल रहा है और ये ख़ामोशी मुझ को निगल रहा है मैं तो एक बहता हुआ दरिया था तू कश्ती थी तेरा ही सहारा था सैलाब में सारे घर-बार ढह जाते हैं कश्ती बढ़ जाती है किनारे रह जाते हैं तू जो अब जहाँ कहीं है ख़ुश तो है तेरी इस ख़ुशी से मुझे सुख तो है मगर ऐ जान! तुझ से एक बात कहूँ आख़िर यादों के सहारे कब तक चलूँ असीरे-इश्क़ ठीक नहीं होता जो कुछ भी है पिंजरे के पार है मुझे असीरी से आज़ाद होना है और मुश्किल ये मुझे सब कुछ याद है — Samar Pradeep