Sarfraz Arish

Sarfraz Arish

@sarfraz-arish

Sarfraz Arish shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sarfraz Arish's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

उँगली पे गिन रहा हूँ सभी दोस्तों के नाम लेकिन तुम्हारे नाम पे हम गिन रहा हूँ मैं — Sarfraz Arish
मैं संतरी हूँ औरतों की जेल का हुज़ूर दो-चार क़ैदी इस लिए कम गिन रहा हूँ मैं — Sarfraz Arish

Ghazal

अब तक जो जी चुका हूँ जनम गिन रहा हूँ मैं दुनिया समझ रही है कि ग़म गिन रहा हूँ मैं मतरूक रास्ते में लगा संग-ए-मील हूँ भटके हुए के सीधे क़दम गिन रहा हूँ मैं टेबल से गिर के रात को टूटा है इक गिलास बत्ती जला के अपनी रक़म गिन रहा हूँ मैं तादाद जानना है कि कितने मरे हैं आज जो चल नहीं सके हैं वो बम गिन रहा हूँ मैं उस की तरफ़ गया हूँ घड़ी देखता हुआ अब वापसी पे अपने क़दम गिन रहा हूँ मैं उँगली पे गिन रहा हूँ सभी दोस्तों के नाम लेकिन तुम्हारे नाम पे हम गिन रहा हूँ मैं मैं संतरी हूँ औरतों की जेल का हुज़ूर दो-चार क़ैदी इस लिए कम गिन रहा हूँ मैं 'आरिश' सुराही-दार सी गर्दन के सेहर में ज़मज़म सी गुफ़्तुगू को भी रम गिन रहा हूँ मैं — Sarfraz Arish