Sarfraz Nawaz

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@sarfraz-nawaz

Sarfraz Nawaz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sarfraz Nawaz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

किसे पड़ी थी मिरा हाल पूछता मुझ से मुझे तो रस्म निभानी थी मुस्कुराना था — Sarfraz Nawaz
बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊँचाई तक माँ दुआ है जो सदा साया-फ़गन रहती है — Sarfraz Nawaz
बस इक ज़रा निगाह उचटती सी डाल कर वो कह रहे हैं इतने में खर्चा निकालिए — Sarfraz Nawaz
इस गए साल बड़े ज़ुल्म हुए हैं मुझ पर ऐ नए साल मसीहा की तरह मिल मुझ से — Sarfraz Nawaz

Ghazal

किसे ख़बर थी कि इस को भी टूट जाना था हमारा आप से रिश्ता बहुत पुराना था हम अपने शहर से हो कर उदास आए थे तुम्हारे शहर से हो कर उदास जाना था सदा लगाई मगर कोई भी नहीं पल्टा हर एक शख़्स न जाने कहाँ रवाना था यूँँ चुप हुआ कि फिर आँखें ही डबडबा उट्ठीं न जाने उस को अभी और क्या बताना था किसे पड़ी थी मिरा हाल पूछता मुझ से मुझे तो रस्म निभानी थी मुस्कुराना था भनक न जाने ये कैसे लगी हवाओं को कि मुझ को राह-गुज़र पर दिया जलाना था छुपी थी इस में ही तम्हीद भी जुदाई की हमारा आप से मिलना तो इक बहाना था तुझे ख़बर ही नहीं मेरे जीतने वाले तिरे लिए तो हमेशा ही हार जाना था निगाह-ए-शौक़ से यूँँ ग़ैर को तिरा तकना 'नवाज़' और नहीं कुछ मुझे सताना था — Sarfraz Nawaz