Shreesh Mishra

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Shreesh Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shreesh Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

उस की आँखों की उलझन में उलझे हैं अब तक जैसे दसवीं में ट्रिग्नोमेट्री की उलझन में जो उलझे थे — Shreesh Mishra
फलाँ ने फलाँ को ये क्या कह दिया फलाँ के लिए मैं फलाँ हो गया — Shreesh Mishra
जो मेरा होना है होगा मेरा अगले के हक़ में है बोसा मेरा — Shreesh Mishra
मैं ने तो बस थप्पड़ देते रुकना था वो भी तो बस शाइ'र पे मरती है दोस्त — Shreesh Mishra

Ghazal

हर तरफ़ शोर है इंसान मगर तन्हा है इस नए दौर का हर चेहरा बड़ा सहमा है जिस को सच कहना था वो बिक गया बाज़ारों में अब क़लम वाले के हाथों में ही तो सौदा है भूख गलियों में सिसकती रही रातों की तरह और महलों में सियासत का नया जलसा है धर्म के नाम पे नफ़रत का धुआँ फैला है आदमी आज भी इंसान से क्यों डरता है जिस्म मिट्टी का सही सोच तो ऊँची होती आज हर शख़्स यहाँ सोच से ही छोटा है भीड़ ख़ामोश है ज़ालिम को सहारा देकर ये तमाशा भी मेरे दौर का इक हिस्सा है इल्म बढ़ता गया किरदार मगर गिरता गया आज तहज़ीब के चेहरे पे अजब धब्बा है — Shreesh Mishra