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Top 10 of
Siraj Faisal Khan
SHER
आज मेरी इक ग़ज़ल ने उस के होंटों को छुआ
आज पहली बार अपनी शाइ'री अच्छी लगी
Siraj Faisal Khan
10
SHER
तुम्हारा हाथ मेरे हाथ से न छूटेगा
न ख़ानदां से डरूँगा न मैं ज़माने से
Siraj Faisal Khan
9
SHER
तू अपने घर में मुहब्बत की जीत पर ख़ुश है
अभी ठहर के मेरा ख़ानदान बाक़ी है
Siraj Faisal Khan
8
SHER
मैं इस ख़याल से शर्मिंदगी में डूब गया
कि मेरे होते हुए वो नदी में डूब गया
Siraj Faisal Khan
7
GHAZAL
अब किसी को नहीं मिरा अफ़्सोस
जान कर ये बहुत हुआ अफ़्सोस
Siraj Faisal Khan
6
SHER
दिल की दीवार पर सिवा उस के
रंग दूजा कोई चढ़ा ही नहीं
Siraj Faisal Khan
5
SHER
वो कभी आग़ाज़ कर सकते नहीं
ख़ौफ़ लगता है जिन्हें अंजाम से
Siraj Faisal Khan
4
SHER
जैसे देखा हो आख़िरी सपना
रात इतनी उदास थीं आँखें
Siraj Faisal Khan
3
SHER
शायद अगली इक कोशिश तक़दीर बदल दे
ज़हर तो जब जी चाहे खाया जा सकता है
Siraj Faisal Khan
2
SHER
किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं
टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है
Siraj Faisal Khan
1
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