किसी का गर सुकूँ हो तो किसी का मसअला हो तुम
    दवा हो तुम, दुआ हो तुम, मरज़ हो तुम, बला हो तुम
    Shashank Shekhar Pathak
    3 Likes
    अधूरी मुद्दतों से इक कहानी लिख रहा हूँ मैं
    फ़रेब, इश्क़,आग और पानी लिख रहा हूँ मैं

    कि मिलने आ रहे हैं फिर न मिलने की जो शर्त पर
    हाँ नाम उनके ही ये ज़िंदगानी लिख रहा हूँ मैं
    Read Full
    Shashank Shekhar Pathak
    2 Likes
    तेरी अंँगड़ाई के आलम का ख़याल आया जब
    ज़ेहन-ए-वीरांँ में खनकने लगे कंगन कितने
    Shashank Shekhar Pathak
    1 Like
    दिल की ख़ातिर एक रिश्ते को बचाने के लिए
    आग मैंने ही लगा ली ख़ुद मिरे घरबार में
    Shashank Shekhar Pathak
    1 Like
    तेरे आने की ख़ुशी है न है फ़ुर्क़त का ग़म
    ग़म ये है बीत गये प्यार के सावन कितने
    Shashank Shekhar Pathak
    12 Likes
    सजा दूँ मांँग मैं तेरी लहू से आज मैं अपने
    बुरा मानो अगर मेरे न तुम सरकार, होली में
    Shashank Shekhar Pathak
    2 Likes
    जल चुका है जिस्म मेरा राख हूँ मैं
    पर मुझे अब भी मिली राहत नहीं है
    Shashank Shekhar Pathak
    2 Likes
    जान ले लो जान तुम मेरी यक़ीनन
    जान लेना तो मिरी फितरत नहीं है
    Shashank Shekhar Pathak
    3 Likes
    तिरंगा दिल में है लबों पे हिंदुस्तान रखता हूँ
    सिपाही हूँ हथेली पे मैं अपनी जान रखता हूँ
    Shashank Shekhar Pathak
    38 Likes
    गली हर इक मोहब्बत की अंधेरी हो नहीं सकती
    सिवा मज़हब के मजबूरी तो तेरी हो नहीं सकती

    किया था इश्क़ मैंने जब तभी ये जानता था मैं
    तू लड़की है 'अलीगढ़' की तू मेरी हो नहीं सकती
    Read Full
    Shashank Shekhar Pathak
    5 Likes

Top 10 of Similar Writers