
अधूरी मुद्दतों से इक कहानी लिख रहा हूँ मैं
फ़रेब, इश्क़,आग और पानी लिख रहा हूँ मैं
कि मिलने आ रहे हैं फिर न मिलने की जो शर्त पर
हाँ नाम उन के ही ये ज़िंदगानी लिख रहा हूँ मैं
— Shashank Shekhar Pathak
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