Diwangi Shayari - Poetic Verses Reflecting Passionate Madness in Love

Explore a mesmerizing collection of Diwangi Shayari that beautifully captures the intensity and madness of passionate love. These poetic lines express the depth of emotions, longing, and devotion tied to unconditional affection.

Best Diwangi Shayari on Passionate Love

junoon shayari
ख़ुदा बचाए तिरी मस्त मस्त आँखों से
फ़रिश्ता हो तो बहक जाए आदमी क्या है
Khumar Barabankvi
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बाद-ए-बहार में सब आतिश जुनून की है
हर साल आवती है गर्मी में फ़स्ल-ए-होली
Wali Uzlat
शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई सी तुम
ज़िन्दगी है धूप तो मद-मस्त पुर्वाई सी तुम

चाहे महफ़िल में रहूँ चाहे अकेले में रहूँ
गूँजती रहती हो मुझ में शोख़ शहनाई सी तुम
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Kunwar Bechain
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उस के लहजे में हमेशा ही सुरूर है बहुत
इसलिए तो अपने आप पर ग़ुरूर है बहुत

उस की आँखों में नज़ारे ही नज़ारे दिखते हैं
क्यों कि उन में ख़ूबसूरती का नूर है बहुत
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Meem Alif Shaz
ख़ामोशी, बेचैनी, यादें तेरी, मेरा ख़ालीपन
कितना कुछ है कमरे में तेरे और मेरे सिवा
Prashant Shakun
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Heart Touching Diwangi Shayari in Hindi

pagalpan shayari
तुम अगर साथ देने का वा'दा करो
मैं यूँही मस्त नग़्मे लुटाता रहूँ

तुम मुझे देख कर मुस्कुराती रहो
मैं तुम्हें देख कर गीत गाता रहूँ
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Sahir Ludhianvi
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भोले बन कर हाल न पूछ बहते हैं अश्क तो बहने दो
जिस से बढ़े बेचैनी दिल की ऐसी तसल्ली रहने दो
Arzoo Lakhnavi
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एक से एक जुनूँ का मारा इस बस्ती में रहता है
एक हमीं हुशियार थे यारो एक हमीं बद-नाम हुए
Ibn E Insha
क़ैस की तर्ज़ पे हम रक़्स-कुनाँ होते हुए
इश्क़-ए-महबूब में लो दश्त-ए-जुनूँ जाते हैं
Shajar Abbas
जीने के और भी जहाँ में बंद-ओ-बस्त थे
यह और बात थी कि हम बादा'परस्त थे

तू आ चुका था फिर भी तेरा इंतज़ार था
हम याद में 'जस्सर' तेरी इस दरजा मस्त थे
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Avtar Singh Jasser

Emotional Diwangi Shayari on Intense Feelings

mast shayari
मिरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा
Ameer Qazalbash
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कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
Kumar Vishwas
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मुझ से कहा जिब्रील-ए-जुनूँ ने ये भी वही-ए-इलाही है
मज़हब तो बस मज़हब-ए-दिल है बाक़ी सब गुमराही है
Majrooh Sultanpuri
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अंधों की बेचैनी को तुम क्या जानो दुनियावालों
तुमने तो दोनों आँखों से ख़ूब उजाले देखे हैं
DEVANSH TIWARI
ये सच है शौक़ भी पहले जुनून होता था
मगर जुनून भी अब शौक़ बन गया देखो
Saarthi Baidyanath

Beautiful Diwangi Shayari in Urdu

हर एक सम्त यहाँ वहशतों का मस्कन है
जुनूँ के वास्ते सहरा ओ आशियाना क्या
Azhar Iqbal
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जिन हौसलों से मेरा जुनूँ मुतमइन न था
वो हौसले ज़माने के मेयार हो गए
Ali Jawwad Zaidi
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मेरी अक्ल-ओ-होश की सब हालतें
तुमने साँचे में जुनूँ के ढाल दी

कर लिया था मैंने अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़
तुमने फिर बाँहें गले में डाल दी
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Jaun Elia
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ख़ुदा से तो कभी दुनिया, कभी ख़ुद से लड़ा हूँ मै
जुनूँ-ए-इश्क़ में मत पूछ, दिल कितनों के तोड़े हैं
A R Sahil "Aleeg"
गया था इश्क़ में लैला के क़ैस दश्त-ए-जुनूँ
तिरा ये इश्क़ मुझे ले गया सलीब तलक
Shajar Abbas

Short Diwangi Shayari for Instagram Captions

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा
चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा
Majrooh Sultanpuri
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पहले कहता है जुनूँ उसका गिरेबान पकड़
फिर मेरा दिल मुझे कहता है इधर कान पकड़

ऐसी वहशत भी न हो घर के दरो बाम कहें
कोई आवाज़ ही ले आ कोई मेहमान पकड़
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Azbar Safeer
कुछ न मैं समझा जुनून ओ इश्क़ में
देर नासेह मुझ को समझाता रहा
Meer Taqi Meer
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इश्क़ का ही सुरूर है साहिल
उनके चेहरे पे नूर है साहिल
A R Sahil "Aleeg"
है वक़्त का कोई तक़ाज़ा या जुनूँ बाक़ी मेरा
मैं लिख रहा हूँ जिस्म पर जब तक है ख़ूँ बाक़ी मेरा
Ashkrit Tiwari

Romantic Diwangi Shayari for Lovers

तेरे बग़ैर ख़ुदा की क़सम सुकून नहीं
सफ़ेद बाल हुए हैं हमारा ख़ून नहीं

न हम ही लौंडे लपाड़ी न कच्ची उम्र का वो
ये सोचा समझा हुआ इश्क़ है जुनून नहीं
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Shamim Abbas
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ऐ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा हाँ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा
आज एक सितमगर को हँस हँस के रुलाना है
Jigar Moradabadi
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वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर
वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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तल्ख़ बातों से ही मल्बूस न रहती है ज़बाँ
मीठे अल्फ़ाज़ ज़बानों को क़बा देते हैं

मैली पोशाक लपेटे वो मलंगों से लोग
मस्त होने पे ख़ुदा तक भी बना देते हैं
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Abdulla Asif
रात में यूँ सुकून का होना
बात में यूँ जुनून का होना
Seema Mahapatra

Poetic Diwangi Shayari on Devotion and Longing

उस से बढ़ कर किया मिलेगा और इनआम-ए-जुनूँ
अब तो वो भी कह रहे हैं अपना दीवाना मुझे
Hafeez Banarsi
उन्हीं के फ़ैज़ से बाज़ार-ए-अक़्ल रौशन है,
जो गाह गाह जुनूँ इख़्तियार करते रहे
Faiz Ahmad Faiz
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जाने कितनी कहानियाँ समेटे रहा होगा
वो जो शख़्स हाल-ए-दिल बायाँ करता भी नहीं

दर्द कितनी होगी, बेचैनी कितनी होगी
वो ज़ुबान जो किसी से कुछ कहता ही नहीं
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Ashish Anand
साँस मेरे सीने से इक इक उखड़ जाएगी तब भी
देखना चेहरे पे सोती एक बेचैनी मिलेगी
Mohit Subran
जुनून-ए-इश्क़ में ये बेख़ुदी का आलम है
ख़ुद अपने शहर में अपना मकान भूल गए
Shadab Shabbiri

Thoughtful Diwangi Shayari on Love’s Madness

कमी न की तिरे वहशी ने ख़ाक उड़ाने में
जुनूँ का नाम उछलता रहा ज़माने में
Firaq Gorakhpuri
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मेरी बेचैनी का आलम मेरी बेचैनी से पूछो
मेरे चहरे से पूछोगे कहेगा ठीक है सब कुछ
Aqib khan
वो जो नज़रों से दूर होते हैं
वो ही दिल के सुरूर होते हैं

वो ही करते हैं ज़िंदगी काली
वो जो आँखों के नूर होते हैं
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Muneer shehryaar
कोई बेचैनी से चेहरा तेरा मुरझाया हुआ है
देख के हालत तेरी दिल मेरा घबराया हुआ है
Manohar Shimpi
गामज़न हूंँ जुनूँ की राहों पर
अपनी दानिश-वरी तमाम हुई
Sumit Panchal

Diwangi Shayari on Unconditional Emotions

उस की बेचैनी बढ़ाना चाहती हूँ
सुनिए कह कर चुप लगाना चाहती हूँ
Pooja Bhatia
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ऐ मिरी ज़ात के सुकूँ आ जा
थम न जाए कहीं जुनूँ आ जा

इस से पहले कि मैं अज़िय्यत में
अपनी आँखों को नोच लूँ आ जा
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Fareeha Naqvi
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सुपुर्द-ए-खाक़ करके इस जुनून-ए-शायरी को अब
ये सोचा है मुहब्बत से किनारा कर लिया जाए
Sagheer Lucky
तन्हाई, ख़ामोशी, बेचैनी, सब कुछ तो है
तेरी मोहब्बत ने भी ख़ूब नवाज़ा है हम को
Meem Alif Shaz
इक बेचैनी सी है मन में क्या होगा ये रब जाने
यार मिरे कोई पूछो रब से वो तो है सब जाने
Kabir Altamash

Inspirational Diwangi Shayari on True Affection

करे जो क़ैद जुनूं को वो जाल मत देना
हो जिसमें होश उसे ऐसा हाल मत देना

जो मुझसे मिलने का तुमको कभी ख़याल आये
तो इस ख़याल को तुम कल पे टाल मत देना
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Kashif Adeeb Makanpuri
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नश्शा-हा शादाब-ए-रंग-ओ-साज़-हा मस्त-ए-तरब
शीशा-ए-मय सर्व-ए-सब्ज़-ए-जू-ए-बार-ए-नग़्मा है
Mirza Ghalib
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दिवाने पन की अपने भी कोई सीमा नहीं यारो
जुनूँ में ख़ुद ही ख़ुद से ख़ुद का ही सर फोड़ लेते हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
खोने का तुझको डर निकले,
बेचैनी से हम मर निकले,

साँसों में तब साँसें आईं,
जब दिल के तुम अंदर निकले
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Divya 'Kumar Sahab'
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मेरे आगे है दरिया सी मोहब्बत
समंदर सा ही हूँ रखता जुनूँ मैं
Rohit tewatia 'Ishq'