Sumit Panchal

Sumit Panchal

@Spanchal_1231

Sumit Panchal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sumit Panchal's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

आज इक पुर सुकून महफ़िल में
खल रही थी कमी उदासी की

आज मेरी उदास आँखों से
बह गई इक नदी उदासी की

Sumit Panchal

करम भी हम पे हुए हैं सितम भी क्या न हुए
मगर जो बाब किसी तौर हम पे वा न हुए

Sumit Panchal

कह नहीं पा रहा कि क्या ग़म है
लग रहा है कहीं पे कुछ कम है

Sumit Panchal

ग़ुरूर जचता नहीं है मेरा तेरे आगे
मैं तेरे हाथ का मिट्टी से हूँ बनाया हुआ

Sumit Panchal

रास आई न वो ख़ुशी मुझ को
जिस ने हर ग़म को मुझ से दूर किया

Sumit Panchal

है बहुत ख़ुश-मिज़ाज चेहरा वो
कुछ भी सोचा तो मुझ को सूझा वो

मुझ को दो शख़्स हैं अज़ीज़ बहुत
दूसरा मैं हूँ और पहला वो

Sumit Panchal

हम को होना पड़ा वही आख़िर
जो नहीं चाहते थे हम होना

Sumit Panchal

जब पुकारा तो हू-ब-हू आया
हम न आए तो हम में तू आया

Sumit Panchal

कुछ मसर्रत के पाक़ लम्हे हैं
हासिल-ए-ज़ीस्त है जो मेरे लिए

Sumit Panchal

आश्ना हूँ तेरी हक़ीक़त से
खा रहा हूँ फ़रेब फिर भी मैं

Sumit Panchal

नींद प्यारी है मेरी आँखों को
ख़्वाब सोने मगर नहीं देते

Sumit Panchal

उस को ख़ारिज करूँ तो कैसे करूँ
वो जो मौजूद है अज़ल से ही

Sumit Panchal

हर नफ़स देखता हूँ ख़्वाब तेरा
हो गया हूँ मैं बे-हिसाब तेरा

और कुछ हो न हो हमारे लिए
वा हमेशा है हम पे बाब तेरा

Sumit Panchal

इश्क़ से आश्ना नहीं थे हम
फ़िर तआ'रुफ़ किसी ने करवाया

Sumit Panchal

बुझ गया मंज़र-ए-हसीं यकदम
यूँ भरी थी हवस निगाहों में

Sumit Panchal

दिल पे हालत जुनूँ की तारी है
सर में सौदा सवार रहता है

Sumit Panchal

ख़ुद को भूला हुआ हूँ मैं गोया
मुझ को आया हुआ है याद कोई

Sumit Panchal

मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो
फिर मेरे साथ चाहे जैसा हो

Sumit Panchal

यही सबब है कि हम हिज्र से हैं अफ़्सुर्दा
हर एक हिज्र से पैदा विसाल होता नहीं

Sumit Panchal

लुत्फ़ ये वस्ल के हैं सारे लिए
हिज्र कब हिज्र है हमारे लिए

Sumit Panchal

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