@manohar.shimpi2000
M Shimpi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in M Shimpi's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
2
Content
461
Likes
538
तुम वादियों को जन्नत-ए-कश्मीर ही कहते रहे
फिर ख़ुशनुमा माहौल में ही लोग भी बसते रहे
ये अजीब ही हैं अदावतें जो इसी सदी का शजर नहीं
वो ही दाव अब्र सा जब चले है तो बादलों का भी डर नहीं
वो बहुत दिनों से जला नहीं यूँ ही उस दिए से ही काम क्या
वो कभी रहा हो फ़लक पे फिर भी बग़ैर उसके ये शाम क्या
कितनी मुश्किल दरिया की क्या अजीब सी वो कहानी है
आज नहीं तो कल फिर जान समंदर में ही गँवानी है
देखा कहाँ सोचा कहाँ तेरे सिवा उसको कभी
बातें हुईं लेकिन नहीं मैंने सुना उसको कभी