
उस के लहजे में हमेशा ही सुरूर है बहुत
इस लिए तो अपने आप पर ग़ुरूर है बहुत
उस की आँखों में नज़ारे ही नज़ारे दिखते हैं
क्यूँ कि उन में ख़ूबसूरती का नूर है बहुत
— Meem Alif Shaz
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