Saarthi Baidyanath

Saarthi Baidyanath

@saarthibaidyanath

Saarthi Baidyanath shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saarthi Baidyanath's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

8

Content

486

Likes

519

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

मान ले मौत इक ग़ज़ल है तो
ज़िंदगी हासिल-ए-ग़ज़ल होगी

Saarthi Baidyanath

ये माना आप से बेहतर नहीं हूँ
मगर मैं खेल से बाहर नहीं हूँ

Saarthi Baidyanath

जुरअत-ए-इज़हार इस का काम है
शाइरी सच बोलने का नाम है

Saarthi Baidyanath

ज़िंदगी गुदगुदी के जैसी है
आप रोने लगोगे हँसते हुए

Saarthi Baidyanath

शाइरों के ऐब सारे शाइरी में छुप गए
शाइरी की ख़ूबियों में एक ख़ूबी ये भी है

Saarthi Baidyanath

किसी ने फूल भेजा है किसी ने ख़त लिखा है
किसी ने डबडबाई आँखों से रुख़्सत लिखा है

Saarthi Baidyanath

दुनिया गूँगी हो जाती है दुनिया बहरी हो जाती है
जब सच कहने की या फिर सच सुनने की बारी आती है

Saarthi Baidyanath

फूल गुलशन में खिले फिर बाद में मुरझा गए
हम भला क्या इसलिए भी बाग़बाँ को दोष दें

Saarthi Baidyanath

हम अपनी मर्ज़ी से पिंजरे के भीतर हैं
हम अपनी मर्ज़ी से ही बाहर निकलेंगे

Saarthi Baidyanath

ये धड़कन तेज़ अब तक चल रही है
गले मिलकर जो तुमसे बढ़ गई थी

Saarthi Baidyanath

शाइर तो हम भी अच्छे-ख़ासे हैं लेकिन अब
रोज़ी-रोटी बीवी-बच्चे ध्यान इसी में है

Saarthi Baidyanath

ज़िन्दगी ले रही मज़े मेरी
मै मज़े ज़िन्दगी के ले रहा हूँ

Saarthi Baidyanath

मेरे भाई तुम्हारी उम्र उन अशआर सी हों
जो ग़ालिब ने ज़माने के हवाले से कही हैं

Saarthi Baidyanath

अभी तुमने मेरी बदमाशियाँ देखी कहाँ है
मरीज़-ए-इश्क़ की गुस्ताख़ियाँ देखी कहाँ है

Saarthi Baidyanath

आप गोताखोर हैं तो याद रखिए
इस हुनर को इश्क़ में मत आज़माएँ

Saarthi Baidyanath

सुनो तुम दिल में रहते हो तुम्हें मालूम ही क्या है
किसी की आँखों में रहने की क़ीमत कितनी होती है

Saarthi Baidyanath

हमारे गाँव की गलियाँ कभी सूनी नहीं रहतीं
तुम्हारे शहर की सड़कें भले सुनसान हो जाएँ

Saarthi Baidyanath

ज़रा सी बात है मैंने किसी को हीर माना है
ज़माने भर ने मुझको क़ाबिल-ए-ताज़ीर माना है

Saarthi Baidyanath

झील में यूँ न उग आईं आँखें
झील में चाँद की परछाई है

Saarthi Baidyanath

चाँद नज़र आने से पहले
इतने रोज़े क्यूँ आते हैं

Saarthi Baidyanath

LOAD MORE