मेरी अक्ल-ओ-होश की सब हालतेंतुम ने साँचे में जुनूँ के ढाल दीकर लिया था मैं ने अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़तुम ने फिर बाँहें गले में डाल दी— Jaun Elia