@ShadabShabbiri1987
Shadab Shabbiri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shadab Shabbiri's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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जवानी की मुहब्बत पर नज़र रहती है दुनिया की
बुढ़ापे की मुहब्बत में कोई ख़तरा नहीं होता
आप बड़े थे आप बड़े हैं मैं छोटा था मैं छोटा हूँ
आप खरे थे आप खरे हैं मैं खोटा था मैं खोटा हूँ
चाहत ने ला के छोड़ा है ऐसे मुका़म पर
मैं भी उदास वो भी परेशाँ है आज कल
उस के भी रुख़ का रंग ज़रा ज़र्द-ज़र्द है
अपना भी तार-तार गिरेबाँ है आज कल
कभी लगते गले से वो कभी सरगोशियांँ करते
कभी नज़रें झुकाते और शरमाते तो अच्छा था