Murli Dhakad

Murli Dhakad

@murli-dhakad

Murli Dhakad shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Murli Dhakad's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
किधर जा रहा है जुगनू शाम उठाए
इधर बैठा हूँ मैं जाम उठाए
Murli Dhakad
ख़ाक हुआ तो वजूद फिर से मिट्टी के साथ बाँधा गया
मैं वो बदनसीब पत्थर था जो चिट्ठी के साथ बाँधा गया
Murli Dhakad
अपने इरादों को अपनी जेब में रखा है
टटोलते टटोलते आस्तीन फट गई है
Murli Dhakad
सुंदर कोयल सुंदर कागा सुंदर मृग के नैन
भागे 'रिंद' दौड़ता जाए दिवस दिखे ना रैन
Murli Dhakad
ये हमें किसने वर्चस्व की लड़ाई दी
जो है ही नहीं उसे खोते हम हैं

है सारी रात का दर्द हम कुत्तों को
हो कोई उदास रोते हम हैं
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Murli Dhakad
जीना कहते हैं जिसे है तमाशा करना
जैसे नशे में हो फिर से नशा करना
Murli Dhakad
ये कैसा तजुर्बा है कि दिल जलाने पे अक्सर
अंधेरा छा जाता है रोशनी नही होती
Murli Dhakad
साकिया तेरे इस जहाँ में क्या मिलेगा
बहुत ढूंढूंगा तो खुदा मिलेगा
Murli Dhakad
मेरे नशेमन में किसी तरह का अंधेरा नहीं है
उस ख़्वाब में न जी पाऊंगा जो मेरा नहीं है
Murli Dhakad
किताबें खूबसूरत है, चेहरे स्याह है
शायद इसीलिए ये दुनिया तबाह है
Murli Dhakad
आईने के दोनों तरफ मुजरिम खड़ा है और
लोग हैं कि आईने को गुनहगार बताते हैं
Murli Dhakad
मेरी उंगलियों में पड़ गई है गिरहें तेरे गेसुओं की
आजकल किसी भी बात पर अकड़ जाती है
Murli Dhakad
फरिश्ते फुर्सत में बैठकर लिखते हैं किसी का खराब होना
हर अंगूर की किस्मत में नहीं होता है शराब होना
Murli Dhakad
हमसे क्या मान सम्मान की बातें 'रिंद'
हमने शराब के लिए किताबें बेची है
Murli Dhakad
दुनिया का तो पता नहीं
आदमी एक बहाना है
Murli Dhakad
आबोदाने के ख़ातिर एक चिड़िया
खुद पिंजरे में आ बैठती है
Murli Dhakad
तुम्हारी आँखों से मैं खूबसूरत हूँ वरना
चाँद की अपनी कोई रोशनी नही होती
Murli Dhakad
बताता हूँ राह राहगीरों को अब
राह में ही कहीं खो गया हूँ मैं

मेरे हाथ पे किसी ने गुलाब क्या रखा
खुशबू खुशबू हो गया हूँ मैं
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Murli Dhakad
जाम कहने सुनने को कहानी रह गया है
और पीने को बस पानी रह गया है
Murli Dhakad