Aamir Azher

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@aamir-azher

Aamir Azher shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aamir Azher's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

असर करती है कोई-कोई बात आहिस्ता आहिस्ता समझ में आते हैं कुछ मोजज़ात आहिस्ता आहिस्ता — Aamir Azher
ये सोचते रहना मुझे पागल ही न कर दे ये सोचते रहना कि मैं पागल तो नहीं हूँ — Aamir Azher
ख़ुद हुस्न से न पूछिए ता'रीफ़ हुस्न की दीवाने से ये पूछिए दीवाना क्यूँँ हुआ — Aamir Azher

Ghazal

गुज़रे हुए वक़्तों का निशाँ था तो कहाँ था हम से जो निहाँ है वो अयाँ था तो कहाँ था बस्ती का तक़ाज़ा है कहीं हैं तो कहाँ हैं मजनूँ का बयाबाँ में मकाँ था तो कहाँ था अब सोचते हैं बैठ के गुलशन की फ़ज़ा में सहरा में हमारा जो मकाँ था तो कहाँ था नश्शा ही नहीं सब का भरम टूट रहा था कहते हैं कोई पीर-ए-मुग़ाँ था तो कहाँ था इस तरह लिपटती है उदासी कि ये सोचें दो पल की ख़ुशी का जो गुमाँ था तो कहाँ था पीरी है बुज़ुर्गी है बुढ़ापा है कि क्या है इस कर्ब में रहना कि जवाँ था तो कहाँ था 'आमिर' को हमीं ढूँड के लाएँ हैं ब-मुश्किल कहते हैं वो पहले से यहाँ था तो कहाँ था — Aamir Azher
दर्द-ए-दिल है न फ़लसफ़ा मेरे पास दाल रोटी का मसअला मेरे पास पास मेरे भी है तेरी ही दुआ काश होता तेरा ख़ुदा मेरे पास ज़र दिलाती है हम को बेवतनी पर नहीं कोई बैठता मेरे पास आगही आ गई तो आ ही गई रह गया एक रब्बना मेरे पास एक पल एक पल न रोक सका वक़्त मेरा था कब मेरा मेरे पास तुम परीज़ाद हो मैं आदम हूँ ऐसे बेसुध न बैठना मेरे पास मेरा ग़म भी है तेरे ग़म जैसा है इसी ग़म की इंतिहा मेरे पास दर्द जाली हैं अश्क हैं नक़ली अस्ल है नींद की दवा मेरे पास सुस्त रातों में जिस ने छोड़ा था तेज़ बारिश में आ गया मेरे पास वाक़िया ये है तू जो आ न सका तब से मैं भी न आ सका मेरे पास वक़्त था वो सो वक़्त वो न रहा न वो आमिर रहा जो था मेरे पास — Aamir Azher