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Top 10 of
Shadab Shabbiri
SHER
ख़ुदाया मुझे यूँँ न हैरत से देखो
यक़ीं तो करो बाख़ुदा बे-ख़ुदी है
Shadab Shabbiri
10
SHER
थी किताबी किताब में गुज़री
ज़िन्दगी सारी ख़्वाब में गुज़री
Shadab Shabbiri
9
SHER
क़ाएम रहे उसूल पे दोनों अख़ीर तक
मैं भी अना परस्त था ग़ैरत उसे भी थी
Shadab Shabbiri
8
SHER
ख़्वाब में रात रू-ब-रू था वो
जैसा सोचा था हू-ब-हू था वो
Shadab Shabbiri
7
SHER
इश्क़ को कार-ए-दिल्लगी समझा
या ख़ुदा हम ये क्या समझ बैठे
Shadab Shabbiri
6
SHER
चार सू ग़म की आग फैली थी
मोम जैसा पिघल गया हूँ मैं
Shadab Shabbiri
5
SHER
बेक़रारी से भी ज़ियादा कुछ
आज कल मुझ को बेक़रारी है
Shadab Shabbiri
4
SHER
जुनून-ए-इश्क़ में ये बेख़ुदी का आलम है
ख़ुद अपने शहर में अपना मकान भूल गए
Shadab Shabbiri
3
SHER
आज फिर याद आ गई उन की
फिर हुईं आज तर-बतर आँखें
Shadab Shabbiri
2
SHER
जी रहा हूँ मैं ऐसे आलम में
आप होते तो मर गए होते
Shadab Shabbiri
1
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