हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
SHER
हमारा दिल भला अब क्या लगेगा
हमारा दिल तो तुम सेे लग चुका है
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
10
SHER
तेरे आँचल तले बचपन सजा माँ
उसी में लौट जाना चाहता हूँ
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
9
SHER
कभी फुटपाथ पर कोई न सोए
मैं "उज्ज्वल" आशियाना चाहता हूँ
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
8
SHER
पिता के कांध पर राजा सा बैठा
वहीं बचपन सुहाना चाहता हूँ
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
7
SHER
मुझे तुम याद ना आना कभी भी
मैं तुम को भूल जाना चाहता हूँ
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
6
SHER
नया इक घर बनाना चाहता हूँ
जहाँ तुझ को बसाना चाहता हूँ
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
5
SHER
गुजारी है गमो की रात हम ने रो के कमरे में
मेरी आँखों से नींदों को वो कुछ ऐसे चुरा निकला
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
4
SHER
वफा के नाम पर हम सेे ज़फा करता रहा जो दिल
हमारी नींद सपने सब वो पल भर में उड़ा निकला
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
3
SHER
बुरी आदत सुरा पीना जो कहता था सदा मुझ सेे
उसी के पास से देखो कि कैसे हैं सुरा निकला
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
2
SHER
जिसे समझा बहुत अच्छा वहीं कितना बुरा निकला
मेरा ही यार हाथों में लिए कट्टा छुरा निकला
Kavi Bhimsen Singh Ujjwal
1
Sameer Khan
Salma Malik
Prakamyan Gautam
Manish Yadav
jaani Aggarwal taak
Hasan Raqim
Shayra kirti
DEVANSH TIWARI
Salman Yusuf
Darpan
Get the app