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Top 10 of
KARAN
GHAZAL
घर से दफ़्तर और फिर दफ़्तर से घर काफ़ी है क्या
ज़िन्दगी तू ही बता इतना सफ़र काफ़ी है क्या
KARAN
10
GHAZAL
जहालतों का वो मातम मना के लौट गए
ज़हीन लोग थे चेहरा छुपा के लौट गए
KARAN
9
NAZM
"एक लड़की"
— KARAN
8
GHAZAL
अपनों के हाथों में खंज़र देखें हैं
बिस्मिल अरमानों के लश्कर देखे हैं
KARAN
7
SHER
आया, क़रीब बैठ के कहने लगा कि बस
इतना ही सिर्फ़ हम सेे तुम्हें प्यार था कि बस
KARAN
6
SHER
शरफ़ मिला न कभी चाँद देखने का हमें
वो ख़ुश-नसीब हैं, जो तुझ को देखते होंगे
KARAN
5
GHAZAL
टूटने की ज़द में, 'रिश्ता चल रहा है
आज-कल दोनों में, 'झगड़ा चल रहा है
KARAN
4
SHER
दर्द का आलम सुनहरा, भेज दे
काश माज़ी, लुत्फ़-ए-ईज़ा भेज दे
KARAN
3
SHER
ज़ीस्त की खोखली हैहात पे रह जाते हैं
वो जो कमज़र्फ़ हैं, औक़ात पे रह जाते हैं
KARAN
2
SHER
मत करो बे-लिबास, रहने दो
इन ज़मीनों पे, घास रहने दो
KARAN
1
Neeraj Naveed
Sameer Khan
Poet Mohit Chauhan
Beybaar
Afzal Ali Afzal
Firdous khan
Ashutosh Kumar "Baagi"
Avtar Singh Jasser
Ananya Rai Parashar
Irshad Siddique "Shibu"
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