दर्द का आलम सुनहरा, भेज देकाश माज़ी, लुत्फ़-ए-ईज़ा भेज देवाक़या, दिल टूट जाने का मेरेऔर तेरे ज़ुल्मों का, क़िस्सा भेज दे— KARAN