@ajityd172779
Ajit Yadav shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ajit Yadav's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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मैं ख़ुद को एक गड्ढे में क्यूँ दबा रहा हूँ
इक फूल के लिए ख़ुद मिट्टी बना रहा हूँ
मालूम है मुझे वो बच्ची नहीं है फिर भी
मैं जान बूझ कर के सर पर चढ़ा रहा हूँ
जिस फूल में मिरी कुल दुनिया रची-बसी है
उस के लिए मैं दिल में सूरज उगा रहा हूँ
कोई नहीं मिला जब इस भोर के समय में
सो मैं भी क्रांति को कम्बल में सुला रहा हूँ
उस के मकान में जिस से रौशनी हुई है
उस लैम्प में मैं अपना ही खून पा रहा हूँ