हम से ऊँचा आसमाँ नहीं पर परों में मेरी जाँ नहींदे मुझे धोखा तू सोच मतआज कल ये सब कहाँ नहींमिट गए हम इश्क़ में मगरइस शहादत का गुमाँ नहींदिल जला है या जलें हैं हमजलने का कोई निशाँ नहींकल तिरी तस्वीर ने कहादेख मत, अब वो यहाँ नहीं— Ajit Yadav