tere baghair khuda ki qasam sukoon nahin | तेरे बग़ैर ख़ुदा की क़सम सुकून नहीं

  - Shamim Abbas

तेरे बग़ैर ख़ुदा की क़सम सुकून नहीं
सफ़ेद बाल हुए हैं हमारा ख़ून नहीं

न हम ही लौंडे लपाड़ी न कच्ची उम्र का वो
ये सोचा समझा हुआ इश्क़ है जुनून नहीं

  - Shamim Abbas

Peace Shayari

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