raah men khade hain teraa khayal kar | राह में खड़े हैं तेरा ख़याल कर

  - Ajit Yadav

राह में खड़े हैं तेरा ख़याल कर
पेड़ की तरह ये बाहें निकाल कर

कोई तो आ कर पागल, बोल दे मुझे
बैठा हूँ मैं फेस् पर जुल्फ़ों को डाल कर

चारा-साज दिल की कब-तक दवा करें
दिल में रहने वाले कुछ तो कमाल कर

कैसे देखता मैं तेरे आँख को भला
ठीक ही किया है चश्में को डाल कर

ज़िंदगी ने मेरा ख़ुद ही भला किया
इन ग़मों के हाथों मुझ को उबाल कर

  - Ajit Yadav

Raasta Shayari

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