@ismail-raaz
Ismail Raaz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ismail Raaz's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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तेरी गली को छोड़ के पागल नहीं गया
रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया
मजनूँ की तरह छोड़ा नहीं मैं ने शहर को
या'नी मैं हिज्र काटने जंगल नहीं गया
दर्द ऐसा नजरअंदाज नहीं कर सकते
जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते
बात तो तब थी कि तू छोड़ के जाता ही नही
अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी
हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
बात ऐसी भी भला आप में क्या रक्खी है
इक दिवाने ने ज़मीं सर पे उठा रक्खी है
इत्तिफ़ाक़न कहीं मिल जाए तो कहना उससे
तेरे शाइर ने बड़ी धूम मचा रक्खी है
ज़रा सी देर को सकते में आ गए थे हम
कि एक दूजे के रस्ते में आ गए थे हम
जो अपना हिस्सा भी औरों में बाँट देता है
एक ऐसे शख़्स के हिस्से में आ गए थे हम
मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग
मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग