
ज़रा सी देर को सकते में आ गए थे हम
कि एक दूजे के रस्ते में आ गए थे हम
जो अपना हिस्सा भी औरों में बाँट देता है
एक ऐसे शख़्स के हिस्से में आ गए थे हम
— Ismail Raaz
Other sher from the same pen
Shers of raasta.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling