हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Pushpendra Mishra
SHER
मुकम्मल नज़्म तो ग़लती है मेरी
मुझे बस नाम लिखना था तुम्हारा
Pushpendra Mishra
10
SHER
अपने एक हुनर से सब को भौंचक्का कर देता हूँ
गूंगा होकर भी मैं तेरा नाम सही से लेता हूँ
Pushpendra Mishra
9
SHER
मुझ जैसे कितने हैं जिन को दिन के बदले रात मिली
गर्मी को मैं ने झेला है और उस को बरसात मिली
Pushpendra Mishra
8
GHAZAL
कुछ दरिया के बीच में हैं तो कुछ थोड़े से किनारे हैं
पास से जब हम ने देखा तो सब के सब बेचारे हैं
Pushpendra Mishra
7
SHER
जितना तेरा था मुझ
में सब तेरा है
Pushpendra Mishra
6
GHAZAL
ग़ैर कहे पागल मुझ को तो बुरा लगता है
तुम पागल कहती हो तो अच्छा लगता है
Pushpendra Mishra
5
SHER
उठ जाओ अब बन्धू मेरे आख़िर किस दिन जागोगे
भाग रहे हो मेहनत से मेहनत से कब तक भागोगे
Pushpendra Mishra
4
SHER
तुम ने जिस को चाहा है वो तो तुम को मिल जाएगी
उस का बतलाओ क्या होगा जिस ने तुम को चाहा है
Pushpendra Mishra
3
GHAZAL
जब भी कोई आना चाहे आने दो
जब भी कोई जाना चाहे जाने दो
Pushpendra Mishra
2
GHAZAL
मियाँ खुदको मिटाने जा रहे हो
सुना है दिल लगाने जा रहे हो
Pushpendra Mishra
1
Krish Gour 'Jazbaat'
Neeraj Nainkwal
Akash Panwar
Arbab Shaz
Manohar Shimpi
Shivansh Singhaniya
Haider Khan
gabruu govind
Prashant Prakhar
Yuvraj Singh Faujdar
Get the app