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इस तरह वो न जलाएँ हम को
है मुहब्बत तो बताएँ हम को
Read Fullहै मुहब्बत तो बताएँ हम को
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ज़िंदगी से यही शिकायत है
अपनी ही जान से फ़िराक़त है
अपनी ही जान से फ़िराक़त है
ख़ुद ख़ुदा भी हसीन ही होगा
उस का बंदा जो ख़ूब-सूरत है
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बातों बातों में तू घबरा जाता है
इश्क़ करने में तेरा क्या जाता है
इश्क़ करने में तेरा क्या जाता है
मैं तेरी हर बात मानूँ और तू
हर किसी की बातों में आ जाता है
रात को भी सो नहीं पाता हूँ मैं
तुझ को खो देने का डर खा जाता है
इतनी जो रौनक़ है मैं देखूँ ज़रा
इस गली से कौन आता जाता है
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दिल में मेरे ये डर सा उठा है
वो मेरे शहर में आ चुका है
वो मेरे शहर में आ चुका है
मुझ को कोई तो घर छोड़ आओ
जिस को भी मेरे घर का पता है
मैं उसे अब कहा ढूँढूँ जो वो
मेरे भीतर कहीं तो छुपा है
अब फ़क़त राख होना है बाक़ी
आग तो वो लगा ही चुका है
कौन से मुँह उसे मिलने जाऊँ
उस के घर आगे शीशा लगा है
हम कहा थे कहाँ आ चुके हैं
वो कहाँ था कहाँ जा चुका है
दूर से तुम नहीं दिख रहे और
वैसे भी मुझ को चश्मा लगा है
किस को किस को मनाऊँ मैं जो अब
हर कोई मुझ से यूँ ही ख़फ़ा है
सारे आशिक़ यहाँ मरते हैं वो
उस का दिल ऐसा दश्त-ए-वगा है
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