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Top 10 of
Simar Gozra
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Simar Gozra
रख
लिया
जाए
या
फ़ना
किया
जाए
इस
तबीअत
का
बोलो
क्या
किया
जाए
इश्क़
करना
अगर
बुरा
है
तो
फिर
अब
मेरे
साथ
भी
बुरा
किया
जाए
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Simar Gozra
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इस
तरह
वो
न
जलाएँ
हमको
है
मुहब्बत
तो
बताएँ
हमको
बद-दुआओं
ने
बचाया
वरना
ले
ही
डूबी
थी
दुआएँ
हमको
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Simar Gozra
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लोग
तो
इसको
धोखा
जुदाई
दर्द
फ़िराक़त
मानते
हैं
बस
हम
शाइर
ही
है
मुहब्बत
को
जो
मुहब्बत
मानते
हैं
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वही
तो
दिन
था
जब
था
छोड़ा
उसने
फिर
मनाया
तब
से
मैं
ने
जन्मदिन
नहीं
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ज़िंदगी
से
यही
शिकायत
है
अपनी
ही
जान
से
फ़िराक़त
है
ख़ुद
ख़ुदा
भी
हसीन
ही
होगा
उस
का
बंदा
जो
ख़ूब-सूरत
है
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Simar Gozra
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हर
इक
साँस
कि
जैसे
कोई
मिस्रा
हो
ज़िन्दगी
भी
शा'इरी
के
जैसी
काटी
है
शौक़
तो
शायर
बनने
का
था
मुझ
को
पर
ये
मत
पूछो
नौकरी
कैसी
काटी
है
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Simar Gozra
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मैं
नहीं
चाहता
वो
मुझ
को
इज़हार
करे
गर
मैं
करूँॅं
तो
फिर
वो
क्यूँँॅं
इनकार
करे
उस
को
चाहने
वालों
मुझ
सेे
पूछो
तुम
वो
मर
जाए
जो
भी
उस
सेे
प्यार
करे
सुना
कि
वो
गुज़रे
तो
बारिश
होती
है
ऐसा
है
तो
सहरा
में
बौछार
करे
चाहत
रखने
से
नई
लैला
मिल
जाती
कोई
मजनू
के
जैसा
भी
प्यार
करे
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बात
जब
उस
पेड़
से
होने
लगी
सुनके
उसके
पत्ते
भी
झड़ने
लगे
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बातों
बातों
में
तू
घबरा
जाता
है
इश्क़
करने
में
तेरा
क्या
जाता
है
मैं
तेरी
हर
बात
मानूँ
और
तू
हर
किसी
की
बातों
में
आ
जाता
है
रात
को
भी
सो
नहीं
पाता
हूँ
मैं
तुझ
को
खो
देने
का
डर
खा
जाता
है
इतनी
जो
रौनक़
है
मैं
देखूँ
ज़रा
इस
गली
से
कौन
आता
जाता
है
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Simar Gozra
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दिल
में
मेरे
ये
डर
सा
उठा
है
वो
मेरे
शहर
में
आ
चुका
है
मुझ
को
कोई
तो
घर
छोड़
आओ
जिस
को
भी
मेरे
घर
का
पता
है
मैं
उसे
अब
कहा
ढूँढूँ
जो
वो
मेरे
भीतर
कहीं
तो
छुपा
है
अब
फ़क़त
राख
होना
है
बाक़ी
आग
तो
वो
लगा
ही
चुका
है
कौन
से
मुँह
उसे
मिलने
जाऊँ
उसके
घर
आगे
शीशा
लगा
है
हम
कहा
थे
कहाँ
आ
चुके
हैं
वो
कहाँ
था
कहाँ
जा
चुका
है
दूर
से
तुम
नहीं
दिख
रहे
और
वैसे
भी
मुझ
को
चश्मा
लगा
है
किसको
किसको
मनाऊँ
मैं
जो
अब
हर
कोई
मुझ
सेे
यूँँ
ही
ख़फ़ा
है
सारे
'आशिक़
यहाँ
मरते
हैं
वो
उस
का
दिल
ऐसा
दश्त-ए-वगा
है
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Simar Gozra
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