हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Simar Gozra
SHER
रख लिया जाए या फ़ना किया जाए
इस तबीअत का बोलो क्या किया जाए
Simar Gozra
10
SHER
इस तरह वो न जलाएँ हम को
है मुहब्बत तो बताएँ हम को
Simar Gozra
9
SHER
लोग तो इस को धोखा जुदाई दर्द फ़िराक़त मानते हैं
बस हम शाइ'र ही है मुहब्बत को जो मुहब्बत मानते हैं
Simar Gozra
8
SHER
वही तो दिन था जब था छोड़ा उस ने फिर
मनाया तब से मैं ने जन्मदिन नहीं
Simar Gozra
7
SHER
ज़िंदगी से यही शिकायत है
अपनी ही जान से फ़िराक़त है
Simar Gozra
6
SHER
हर इक साँस कि जैसे कोई मिस्रा हो
ज़िन्दगी भी शा'इरी के जैसी काटी है
Simar Gozra
5
GHAZAL
मैं नहीं चाहता वो मुझ को इज़हार करे
गर मैं करूँ तो फिर वो क्यूँ इनकार करे
Simar Gozra
4
SHER
बात जब उस पेड़ से होने लगी
सुनके उस के पत्ते भी झड़ने लगे
Simar Gozra
3
GHAZAL
बातों बातों में तू घबरा जाता है
इश्क़ करने में तेरा क्या जाता है
Simar Gozra
2
GHAZAL
दिल में मेरे ये डर सा उठा है
वो मेरे शहर में आ चुका है
Simar Gozra
1
Shruti chhaya
Adv Aaves Shaikh
Divu
Adarsh Anand Amola
Sarul
gabruu govind
Naved sahil
Shubham Vaishnav
रूपम कुमार 'मीत'
Shivsagar Sahar