8
0 Likes
नहीं मारता फ़िराक़ आदमी को
आदमी को तो यादें मारतीं हैं
आदमी को तो यादें मारतीं हैं
6
1 Like
तेरा बुत तो नहीं था पास मेरे,
तेरी यादों को अपने पास रखा
तेरी यादों को अपने पास रखा
गोया हस्ते हुए भी हम ने सदा,
अपने दिल को बहुत उदास रखा
5
5 Likes
मुझे तुम पूछते हो प्यार क्या है
बता आख़िर बला ये यार क्या है
बता आख़िर बला ये यार क्या है
कि सारी देखने की बात है बस
भला गुल और फिर ये खा़र क्या है
कि ख़ुदको ज़र्फ़ वाला मानते हो,
बता ये पीठ पर फिर वार क्या है
बता कब देखता है इश्क़ हालत,
भला मुश्ताक़ या बेज़ार क्या है
कहा था याद आओगे न तुम फिर,
ये दिल में यार हाहाकार क्या है
कि ख़ुद ही कर खफ़ा वो प्रिंस हम को
वो ख़ुद ही पूछते हैं सार क्या है
4
0 Likes
3
0 Likes
करें हम मर चुके दिल की दवा कैसे
न एजाज़-ए-मसीहा जानते हैं हम
न एजाज़-ए-मसीहा जानते हैं हम
1
0 Likes









