Prince
Prince
Ghazal

मुझे तुम पूछते हो प्यार क्या है

बता आख़िर बला ये यार क्या है

कि सारी देखने की बात है बस
भला गुल और फिर ये खा़र क्या है

कि ख़ुदको ज़र्फ़ वाला मानते हो,
बता ये पीठ पर फिर वार क्या है

बता कब देखता है इश्क़ हालत,
भला मुश्ताक़ या बेज़ार क्या है

कहा था याद आओगे न तुम फिर,
ये दिल में यार हाहाकार क्या है

कि ख़ुद ही कर खफ़ा वो प्रिंस हम को
वो ख़ुद ही पूछते हैं सार क्या है

— Prince

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