Prince
Prince
Ghazal

उस ने कोई वादा-ए-विसाल तो नहीं किया

हम ने अपना ज़र्फ़ भी निढाल तो नहीं किया

देते हैं दुआ उसे तो आज भी उसी तरह
हम ने अपने हाल का मलाल तो नहीं किया

मैं ने भी न पूछा उस से बे-वफ़ाई का सबब
जाते वक़्त उस ने भी सवाल तो नहीं किया

उस की बेवफाई पर भी हम तो शांत ही रहे
हम ने कोई शहर में बवाल तो नहीं किया

गर नहीं मिली वफ़ा तो फिर सज़ा ही क्यूँ नहीं
इश्क़ कर के हम ने भी कमाल तो नहीं किया

जुस्तजु में उस की प्रिंस हम कहाँ नहीं गए
हम ने अपना ये सफ़र मुहाल तो नहीं किया

— Prince

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