उसने कोई वादा-ए-विसाल तो नहीं किया
हमने अपना ज़र्फ़ भी निढाल तो नहीं किया
देते हैं दुआ उसे तो आज भी उसी तरह
हमने अपने हाल का मलाल तो नहीं किया
मैंने भी न पूछा उस से बे-वफ़ाई का सबब
जाते वक़्त उसने भी सवाल तो नहीं किया
उसकी बेवफाई पर भी हम तो शांत ही रहे
हमने कोई शहर में बवाल तो नहीं किया
गर नहीं मिली वफ़ा तो फिर सज़ा ही क्यूँँ नहीं
'इश्क़ करके हमने भी कमाल तो नहीं किया
जुस्तजु में उसकी प्रिंस हम कहाँ नहीं गए
हमने अपना ये सफ़र मुहाल तो नहीं किया
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