Zulf Shayari - Poetic Verses Reflecting the Beauty of Hair and Emotions

Discover a captivating collection of Zulf Shayari that beautifully captures the charm and allure of hair as a symbol of love and beauty. These poetic lines reflect romance, admiration, and the mystique of zulfs (locks of hair).

Best Zulf Shayari on Beauty and Charm

zulfein shayari
पूछा जो उनसे चाँद निकलता है किस तरह
ज़ुल्फ़ों को रुख़ पे डाल के झटका दिया कि यूँ
Arzoo Lakhnavi
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मैं बाल बाल बच गया हर बार इश्क़ से
सर के बहुत क़रीब से पत्थर गुज़र गए
Umair Najmi
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मुँह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल
होली की शाम ही तो सहर है बसंत की
Lala Madhav Ram Jauhar
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हम हुए तुम हुए कि 'मीर' हुए
उस की ज़ुल्फ़ों के सब असीर हुए
Meer Taqi Meer
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आँखें ग़ज़ाल हिरनी हैं ज़ुल्फ़ घटा सावन
पर्वत पे रक़्साँ कोई बादल लगती हो
ALI ZUHRI
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Heart Touching Zulf Shayari in Hindi

kesh shayari
जब यार ने उठा कर ज़ुल्फ़ों के बाल बाँधे
तब मैं ने अपने दिल में लाखों ख़याल बाँधे
Mohammad Rafi Sauda
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कुछ इस के सँवर जाने की तदबीर नहीं है
दुनिया है तिरी ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर नहीं है
Hafeez Banarsi
सोचा था हमने आज संवारेंगे वक़्त को
अब हाथ में है ज़ुल्फ़, तो फिर ज़ुल्फ़ ही सही
Prakhar Kanha
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ये साड़ी खुले बाल क़यामत-सी निगाहें
हम खुद को बहकने से भला कैसे बचायें
Harsh saxena
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तो देख लेना हमारे बच्चों के बाल जल्दी सफ़ेद होंगे
हमारी छोड़ी हुई उदासी से सात नस्लें उदास होंगी
Danish Naqvi
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Emotional Zulf Shayari on Love and Longing

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा
इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा

जिस तरह से थोड़ी सी तेरे साथ कटी है
बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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भूलभुलैया था उन ज़ुल्फ़ों में लेकिन
हमको उसमें अपनी राहें दिखती थीं

आपकी आँखों को देखा तो इल्म हुआ
क्यूँ अर्जुन को केवल आँखें दिखती थीं
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Ashraf Jahangeer
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हाथ काँटों से कर लिए ज़ख़्मी
फूल बालों में इक सजाने को
Ada Jafarey
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करती है तो करने दे हवाओं को शरारत
मौसम का तकाज़ा है कि बालों को खुला छोड़
Abrar Kashif
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मैंने बस इतना पूछा था क्या देखते हो भला
मैंने ये कब कहा था मुझे देखना छोड़ दो

गीली मिट्टी की ख़ुशबू मुझे सोने देती नहीं
मेरे बालों में तुम उँगलियाँ फेरना छोड़ दो
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Tajdeed Qaiser
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Beautiful Zulf Shayari in Urdu

इशारा कर रहे हैं बाल ये बिखरे हुए क्या
तू मेरे पास आया है कहीं होते हुए क्या

ये इतना हँसने वाले इश्क़ में टूटे हुए लोग
तू इन से पूछना अंदर से भी अच्छे हुए क्या
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Kushal Dauneria
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फिर बालों में रात हुई
फिर हाथों में चाँद खिला
Adil Mansuri
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उसके इश्क़ में बाल बढ़ाने वालों सुन लो
उसके घर वाले तो पैसा देखेंगे
Shaad Imran
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और भी दुनिया में मंज़र ख़ूबसूरत हैं मगर
तेरी ज़ुल्फ़ों झटकने से सुहाना कुछ नहीं
Alankrat Srivastava
बाद-ए-सबा जब जुल्फों को मेरी सहलाए
एहसास-ए-छुअन तेरा दिल को मेरे महकाए
Angel Pal

Short Zulf Shayari for Instagram Captions

पलक का बाल गिरे कब मैं कब तुझे माँगूँ
मैं कशमकश में ये पलकें न नोच लूँ अपनी
Vishnu virat
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लहरा कर अपनी खम-ए-ज़ुल्फ़ उस ने
अज़ल-अबद को भी उलझा रक्खा है
ALI ZUHRI
वहम होता है कि छूने से सँवर जाएँगी
सोचता हूँ जो मुक़द्दर मिरा ज़ुल्फ़ें तेरी
Neeraj Neer
भला तुम कैसे जानोगे मिला है दर्द जो गहरा
वो जैसे नोचता है बाल अपने नोच कर देखो
Kushal "PARINDA"
नाम हो विख्यात ऐसे सामने ये असलियत हो
बाल ऐसे बिखरे हो और जौन जैसी कैफ़ियत हो
Sachin Sharmaa

Poetic Zulf Shayari on Romance and Elegance

आह को चाहिए इक उम्र असर होने तक
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक
Mirza Ghalib
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किस ने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी
Arzoo Lakhnavi
है उस बदन की लत मुझे सो दूसरा बदन
अच्छा तो लग रहा है मेरे काम का नहीं
Vishnu virat
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यार सब जम्अ हुए रात की ख़ामोशी में
कोई रो कर तो कोई बाल बना कर आया
Ahmad Mushtaq
ध्यान खो कर भी रवाँ है फैशन
नींद में बाल खड़ा है यारों
Nishant Singh

Zulf Shayari on Mystique and Attraction

हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर'
उदासी बाल खोले सो रही है
Nasir Kazmi
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वो राही हूँ पलभर के लिए, जो ज़ुल्फ़ के साए में ठहरा,
अब ले के चल दूर कहीं, ऐ इश्क़ मेरे बेदाग मुझे ।
Raja Mehdi Ali Khan
मैं होश-मंद हूँ ख़ुद भी सो मेरी ग़ज़लों में
न रक़्स करता है आशिक़ न बाल खींचता है
Charagh Sharma
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लब पे आता था जो दुआ बन कर
दिल में रहता है अब ख़ला बन कर

कितना इतरा रहा है अब वो फूल
तेरे बालों का मोगरा बन कर
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Haider Khan
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देखने वाले मिरी आँखों का जादू देखते हैं
आप ही हैं जो मिरी आँखों का आँसू देखते हैं

पूछते हैं वो कि क्या क्या देखते हो 'अल्तमश' तुम
हम कभी उसको कभी बस उसके गेसू देखते हैं
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Kabir Altamash

Thoughtful Zulf Shayari on Unspoken Feelings

उनके गेसू खुलें तो यार बने बात मेरी
इक रबर बैंड ने जकड़ी हुई है रात मेरी
Zubair Ali Tabish
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अब तो मैं बाल बढ़ा सकता हूं
हिज्र में कितनी सहूलत है मुझे
Nasir khan 'Nasir'
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हिज्र में तुमने केवल बाल बिगाड़े हैं
हमने जाने कितने साल बिगाड़े हैं
Anand Raj Singh
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ऐसा लगता है कि तन्हाई मुझे छूती है
उँगलियाँ कौन फिरोता है मेरे बालों में
Ashok Mizaj Badr
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सुख़न अब तक तिरी ज़ुल्फ़ों के पेचओख़म में उलझा है
हमें जब इश्क़ होगा तो बयाँ अशआर कर देंगे
Dhiraj Singh 'Tahammul'

Romantic Zulf Shayari for Lovers

मुमकिन ही नहीं जीतना कोशिश से कोई दिल
कुछ बस में नहीं बाल बनाने के अलावा
Shariq Kaifi
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शायरी तो ले गए जौन एलिया ही अपने साथ
शायरों में लंबे लंबे बाल वाले रह गए
Khalid Irfan
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क्यों परेशाँ हो अब सवालों पे
धूल तो आ गई है बालों पे

हैं रकीबों के तोहफ़े साहब
दाँतों के सब निशान गालों पे
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A R Sahil "Aleeg"
चाँद चेहरा ज़ुल्फ़ दरिया बात ख़ुशबू दिल चमन
इक तुम्हें दे कर ख़ुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे
Bashir Badr
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उस ने अपने बाल काटे हाए रे कुछ यूँ लगा
ज़िन्दगी से कोई मेरी, साल जैसे काट दे
Ashutosh Kumar "Baagi"

Zulf Shayari on Beauty and Fascination

मुद्दतों बाद इक शख़्स से मिलने के लिए
आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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सुखाई जा रही है जुल्फ़ धोकर
घटा या'नी निचोड़ी जा रही है
Satya Prakash Soni
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तेरे बग़ैर ख़ुदा की क़सम सुकून नहीं
सफ़ेद बाल हुए हैं हमारा ख़ून नहीं

न हम ही लौंडे लपाड़ी न कच्ची उम्र का वो
ये सोचा समझा हुआ इश्क़ है जुनून नहीं
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Shamim Abbas
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अपने सर इक बला तो लेनी थी
मैं ने वो ज़ुल्फ़ अपने सर ली है
Jaun Elia
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तेरे लब-ओ-रुख़्सार पर तो मरते होंगे लोग
जान लुटाने तक कि बातें गढ़ते होंगे लोग

हम करते है इश्क़ तुम्हारी सीरत से लेकिन
सूरत, ज़ुल्फ़ें, आँखें, काजल करते होंगे लोग
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Ravi 'VEER'