तुम्हें मुझसे मोहब्बत हो गई है
    अरे पहले बताना चाहिए था

    Shivsagar Sahar
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    ऐ शैख़ तू शराब के पीछे न पड़ कभी
    ये ख़ुद को वाहियात बनाने की चीज़ है

    Shivsagar Sahar
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    पिता के काँधे पर बैठा हुआ हूँ
    गगन छूने को इक मौक़ा मिला है

    Shivsagar Sahar
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    ज़रा सा छू दिया उसको तो वो ऐसे सिमटती है
    कि जैसे हो मिरे दिल की कोई छूईमुई शायद

    Shivsagar Sahar
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    अरे कैसे वतन को छोड़ दें हम
    यहाँ पर ख़ून है शामिल हमारा

    Shivsagar Sahar
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    असर बाज़ार का इतना हुआ इस आधुनिक युग में
    कि कोई भूलकर करता नहीं दातून की बातें

    जवानी में भी बचपन की उमंगे जाग उठती हैं
    करें मासूम बच्चे जब किसी बैलून की बातें

    Shivsagar Sahar
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    तू बिल्कुल ऐसी ही अच्छी दिखती है
    चेहरे पर मेकअप ही मत लगवाया कर

    Shivsagar Sahar
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    हमारी रूह पापी जिस्म में कब तक नहायेगी
    चलो संगम नहा आएं इलाहाबाद में जानाँ

    Shivsagar Sahar
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    तुम्हारी लाल चूनर,लाल लाली,लाल बिंदिया को
    क़सम से देखकर बेजा नशे में चूर बैठा हूँ

    Shivsagar Sahar
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    सुना है सुन्दरी को घूरने से उम्र बढ़ती है
    यही है बस ख़ता मेरी कि मैं भी घूर बैठा हूँ

    Shivsagar Sahar
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