ज़रा सा छू दिया उसको तो वो ऐसे सिमटती है
कि जैसे हो मिरे दिल की कोई छूईमुई शायद
असर बाज़ार का इतना हुआ इस आधुनिक युग में
कि कोई भूलकर करता नहीं दातून की बातें
जवानी में भी बचपन की उमंगे जाग उठती हैं
करें मासूम बच्चे जब किसी बैलून की बातें
तुम्हारी लाल चूनर,लाल लाली,लाल बिंदिया को
क़सम से देखकर बेजा नशे में चूर बैठा हूँ
सुना है सुन्दरी को घूरने से उम्र बढ़ती है
यही है बस ख़ता मेरी कि मैं भी घूर बैठा हूँ