Shivsagar Sahar

Shivsagar Sahar

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Shivsagar Sahar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shivsagar Sahar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Sher
  • Ghazal

हमारी महफ़िलें शेर-ओ-सुख़न की
दिलों को जोड़कर आबाद होंगी

Shivsagar Sahar

इक ऐसा माहौल बनाया है हमने
बच्चे हँसते हँसते पढ़ने आते हैं

Shivsagar Sahar

दोस्त मजबूरियाँ नहीं होती
आपसे दूरियाँ नहीं होती

Shivsagar Sahar

आज बच्चे उदास होंगे ही
बाप ने टॉफ़ियाँ नहीं ली हैं

Shivsagar Sahar

एक माहौल ही तो बदला है
आप रोने पे आ गए साहिब

Shivsagar Sahar

बात अधूरी रह जाती अक्सर मेरी
तुम कहती हो जल्दी-जल्दी बोलो ना

Shivsagar Sahar

दिल पे सिक्का जमा नहीं पाया
इतनी हिम्मत जुटा नहीं पाया

मेरी इस आशिक़ी पे लानत है
उसको पागल बना नहीं पाया

Shivsagar Sahar

तुम्हें मुझसे मोहब्बत हो गई है
अरे पहले बताना चाहिए था

Shivsagar Sahar

ऐ शैख़ तू शराब के पीछे न पड़ कभी
ये ख़ुद को वाहियात बनाने की चीज़ है

Shivsagar Sahar

उदासी का हमें तोहफ़ा मिला है
ख़ुशी से ग़म कहीं ज़्यादा मिला है

Shivsagar Sahar

पिता के काँधे पर बैठा हुआ हूँ
गगन छूने को इक मौक़ा मिला है

Shivsagar Sahar

तुम्हारे होंठ के छूने ही भर से
क़सम से चाय मीठी हो गई है

Shivsagar Sahar

ज़रा सा छू दिया उसको तो वो ऐसे सिमटती है
कि जैसे हो मिरे दिल की कोई छूईमुई शायद

Shivsagar Sahar

वो शादी के लिए राज़ी नहीं है
मैं फिर भी आस में बैठा हुआ हूँ

Shivsagar Sahar

अब तो केवल दोस्ती करनी है मुझको
बन न पाउँगा कभी शौहर तुम्हारा

Shivsagar Sahar

थक गया हूँ नाम ले लेकर तुम्हारा
मोम सा दिल हो गया पत्थर तुम्हारा

मुस्कुराकर तुम ज़रा सा हाय कहती
मैं ख़ुशी से मांगता नम्बर तुम्हारा

Shivsagar Sahar

अरे कैसे वतन को छोड़ दें हम
यहाँ पर ख़ून है शामिल हमारा

Shivsagar Sahar

मिटाकर होलिका में ग़म चलो खुशियाँ लुटाएँ हम
ज़माने को दिया जाए मधुर व्यवहार का तोहफ़ा

Shivsagar Sahar

मिरी ज़बान से अल्फ़ाज़ कोई निकले गर
तिरी ज़बान सा अंदाज़-ए-गुफ़्तगू आए

Shivsagar Sahar

हमारी हो रही चारों तरफ़ है किरकिरी शायद
ख़ुशी से चूम बैठा जब तुम्हारी ओढ़नी शायद

कभी बोसा कभी आँसू कभी तन्हाइयाँ देते
इसी से और बढ़ती जा रही है आशिक़ी शायद

Shivsagar Sahar

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