@ShivsagarSahar
Shivsagar Sahar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shivsagar Sahar's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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दिल पे सिक्का जमा नहीं पाया
इतनी हिम्मत जुटा नहीं पाया
मेरी इस आशिक़ी पे लानत है
उसको पागल बना नहीं पाया
ज़रा सा छू दिया उसको तो वो ऐसे सिमटती है
कि जैसे हो मिरे दिल की कोई छूईमुई शायद
थक गया हूँ नाम ले लेकर तुम्हारा
मोम सा दिल हो गया पत्थर तुम्हारा
मुस्कुराकर तुम ज़रा सा हाय कहती
मैं ख़ुशी से मांगता नम्बर तुम्हारा
मिटाकर होलिका में ग़म चलो खुशियाँ लुटाएँ हम
ज़माने को दिया जाए मधुर व्यवहार का तोहफ़ा
हमारी हो रही चारों तरफ़ है किरकिरी शायद
ख़ुशी से चूम बैठा जब तुम्हारी ओढ़नी शायद
कभी बोसा कभी आँसू कभी तन्हाइयाँ देते
इसी से और बढ़ती जा रही है आशिक़ी शायद