
असर बाज़ार का इतना हुआ इस आधुनिक युग में
कि कोई भूल कर करता नहीं दातून की बातें
जवानी में भी बचपन की उमंगे जाग उठती हैं
करें मासूम बच्चे जब किसी बैलून की बातें
— Shivsagar Sahar
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