मियाँ खुदको मिटाने जा रहे हो
सुना है दिल लगाने जा रहे हो
पढ़ाया इश्क़ का ये पाठ किस ने
जो अपना सब गँवाने जा रहे हो
वही मासूमियत फिर से अमांँ क्या
किसी का दिल दुखाने जा रहे हो
मेरी मानों ज़रा मासूम हो लो
अगर उस को मनाने जा रहे हो
निकालो हम पुरानों का भी कुछ हल
हमें यूँ ही भुलाने जा रहे हो
— Pushpendra Mishra















