हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Mukesh Jha
GHAZAL
जितना भी हम जिए उतने ही परेशान रहे
हो गए ख़ाक तो भी दर्द से सोज़ान रहे
Mukesh Jha
10
SHER
रंग गालों पे लगा रहने दो
ख़ूब जँचता है ये गहना तुम पर
Mukesh Jha
9
SHER
8
SHER
7
SHER
वो राधा की तरह है साथ मेरे
ख़यालों में वो मेरी रुक्मणी है
Mukesh Jha
6
SHER
खींची जो उस ने आँख में काजल की इक लकीर
मैं ने भी अपने सीने पे इक हाथ रख लिया
Mukesh Jha
5
SHER
जितना था सब गँवा दिया मैं ने इश्क़ भी, दोस्त भी, ज़माना भी
Mukesh Jha
4
SHER
ले रहा था मैं ज़िन्दगी के मज़े
फिर वो बोली कि अब मेरी बारी
Mukesh Jha
3
SHER
मैं कहीं गुम हूँ आजकल शायद
जल गए होंठ चाय पीते हुए
Mukesh Jha
2
GHAZAL
मैं कभी तेरे बराबर नहीं हो सकता दोस्त
मैं तो मिट्टी हूँ सो पत्थर नहीं हो सकता दोस्त
Mukesh Jha
1
Krishnavat Ritesh
Upendra Bajpai
Zohair Ahmad Sahil
Mukesh Guniwal "MAhir"
Toyesh prakash
Shivsagar Sahar
Raushan miyaa'n
Shamsul Hasan ShamS
Lekhak Suyash
Ragini Preet