Rohit Gustakh

Top 10 of Rohit Gustakh

    वक़्त की थी कमी गर्दिशों के थे दिन
    वक़्त देना पड़ा हर किसी के लिए
    Rohit Gustakh
    18 Likes
    यार दिनों में रातें कौन करे
    निर्लज्जों से बातें कौन करे
    Rohit Gustakh
    21 Likes
    यतीमों की तरह बस पाल रक्खा है इन्हें हमने
    हमें जो दुख मिले हैं वो हमारे दुख नहीं लगते

    किसी की आँख में रहकर किसी के ख़्वाब देखे हैं
    हजारों कोशिशें की पर किनारे दुख नहीं लगते
    Read Full
    Rohit Gustakh
    37 Likes
    आख़िर कौन सिसकता है तेरे अंदर
    आज उदासी ने भी पूछ लिया मुझसे
    Rohit Gustakh
    47 Likes
    मिरे घर क्यूँ ले आते हो गली बाज़ार की बातें
    चिढ़ाती हैं मुझे झूठे बिके अख़बार की बातें

    मुकरता है हमेशा तू किए वादे निभाने से
    तेरे वादे तिरी क़समें हुईं सरकार की बातें
    Read Full
    Rohit Gustakh
    54 Likes
    जबसे बोला उसने हाय मुहब्बत से
    ली फिर दीवानों की राय मुहब्बत से

    आते देख छुपा करती थी जो लड़की
    उसने आज पिलाई चाय मुहब्बत से
    Read Full
    Rohit Gustakh
    63 Likes
    भले दुनिया जला डाले मदारी
    तुम्हें तो बस तमाशा देखना है
    Rohit Gustakh
    66 Likes
    कौन डुबाएगा दरिया में हमको
    ख़ुद पर राम लिखेंगे तर जाएँगे
    Rohit Gustakh
    59 Likes
    बात पुरानी ताने मार रही है
    याद किसी की ताने मार रही है

    मेरे अंदर चीख रही ख़ामोशी
    और उदासी ताने मार रही है

    फैल गई तन्हाई कमरे में मिरे
    हर इक खिड़की ताने मार रही है

    हार हुई जबसे यार मुहब्बत में
    हर इक लड़की ताने मार रही है

    हर रोज बिठाकर अपने पास मुझे
    इक तन्हाई ताने मार रही है

    उसकी शादी तखलीफ़ नही मेरी
    यार विदाई ताने मार रही है

    सिगरेट जलाते हैं तिरी यादों से
    दियासलाई ताने मार रही है
    Read Full
    Rohit Gustakh
    68 Likes
    मुहब्बत में समझदारी से अक्सर काम लेते हैं
    कहीं महबूब वो कहते कहीं वो नाम लेते हैं

    मचलता है कभी जो दिल करें बातें निगाहों से
    इज़ाज़त धड़कने देतीं वो दिल को थाम लेते हैं
    Read Full
    Rohit Gustakh
    56 Likes

Top 10 of Similar Writers