Rohit Gustakh

Rohit Gustakh

मुहब्बत में समझदारी से अक्सर काम लेते हैं
कहीं महबूब वो कहते कहीं वो नाम लेते हैं

मचलता है कभी जो दिल करें बातें निगाहों से
इज़ाज़त धड़कने देतीं वो दिल को थाम लेते हैं

  • Sher
  • Ghazal

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