बात पुरानी ताने मार रही है
याद किसी की ताने मार रही है
मेरे अंदर चीख रही ख़ामोशी
और उदासी ताने मार रही है
फैल गई तन्हाई कमरे में मिरे
हर इक खिड़की ताने मार रही है
हार हुई जबसे यार मुहब्बत में
हर इक लड़की ताने मार रही है
हर रोज बिठाकर अपने पास मुझे
इक तन्हाई ताने मार रही है
उसकी शादी तखलीफ़ नहीं मेरी
यार विदाई ताने मार रही है
सिगरेट जलाते हैं तिरी यादों से
दियासलाई ताने मार रही है
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