छोड़ आया मैं उसे वो फिर अकेला रह गया
गाँव मे बूढ़ा पिता आखिर अकेला रह गया
सब बजा कर तालियाँ सर्कस से हँस कर घर गए
देखते ही देखते साहिर अकेला रह गया
इश्क़ के बाज़ार में बोली दिलों की लग गई
बिक गए सस्ते मेरा नादिर अकेला रह गया
भक्त तेरे पूजते हैं तुझको देवी मानकर
सब पे तेरा ध्यान है काफ़िर अकेला रह गया
पेट सबका माँगता है एक दो ही रोटियाँ
सेठ तो घर जा चुका क़ासिर अकेला रह गया
मज़हबी बातों के पीछे भाई भाई लड़ रहे
मस्जिदें तन्हा हुई मन्दिर अकेला रह गया
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