जब वो आँखों के आगे से हट जाती है
यार क़सम से मेरी धड़कन डट जाती है
कानों के पीछे जब उसकी लट जाती है
मेरी तो हिस्ट्री भूगोल पलट जाती है
तुमको बतलाऊँ, मेरा क्या क्या ख़ारिज
प्यार हुआ तो मुझको फूल मिला ख़ारिज
इस से और जियादा क्या होगा खारिज
जीत रहा था इतने में, सट्टा ख़ारिज
दिल टूटा है, माना दुख होता होगा
लेकिन यार हुआ है कभी मतला ख़ारिज
चूड़ी चटकी और लगा कर के काजल
इक बेगम ने किया मेरा इक्का ख़ारिज
मीटर नइँ आता था, उसकी आँखों पे
शे'र कहा था जब मैने, पहला ख़ारिज
ख़ारिज शे'र पे 'वाह' तुम्हारी भाभी की
पहली बार हुआ था कुछ अच्छा ख़ारिज
यार ग़ज़ल ख़ारिज है कुछ तो ख़ारिज हो
क्या कहते हो कर दूँ क्या मक़्ता खारिज
इक मतला इक ताज़ा शेर सुना लेते हैं
बेकारी है तो अब लोग मज़ा लेते हैं
शेर तो क्या तुम यार ग़ज़ल ही चुरा लो मेरी
वालिद का जूठा तो बच्चे खा लेते हैं
एक तरीका एब्स बनाने का सीखो
योग करो या घुट घुट के मरना सीखो
योग नहीं कर सकते तो इक काम करो
तुम तो बस फ़ोटो एडिट करना सीखो
पेड़ लगाओ फल देंगे
आज नहीं तो कल देंगे
बदलेगा तू पेजों को
तुझ को पेज बदल देंगे
नौकर ही देखेगी वो शहजादा नइँ
दोस्त पढ़ाई कर ले प्यार का वादा नइँ
प्यार मुहब्बत में भी ताक़त होती है
हाँ लेकिन सरकारी जॉब से ज्यादा नइँ
कहती है सबको नो कर मुझ को यश कर
इश्क़ अगर है तो फिर मिल न गले कस कर
उस की डीपी इतनी ज़ूम करी मैंने
उसकी फ़ोटो बोल पड़ी पोटर बस कर
क्या करूँ जो मेरे दिल में है, उदासी उसने दी है
ज़िंदगी अच्छी थी यारो, झंड तो लोगों ने की है
कुछ लड़के तो सीधे-साधे ही दिखते हैं
कुछ ऐसे हैं जो पढ़ लिख कर भी बिकते हैं
मैं करता हूँ इस्त्री, शादी में जाने को
कुछ होते हैं जो नंबर की चिट लिखते हैं