Vijay Potter Singhadiya

Vijay Potter Singhadiya

@vp_singhadiya

Vijay Potter Singhadiya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vijay Potter Singhadiya's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

मत पूछो मेरी सेहत के बारे में
हर दिन बाहर खाना खाना पड़ता है

Vijay Potter Singhadiya
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बात करना बंद कर के पूछती है
बात क्यों नईं कर रहे हो क्या हुआ है

Vijay Potter Singhadiya

तेरी ग़लती नहीं है, मेरे यार
हैं ये आदाब परवरिश के यार

Vijay Potter Singhadiya
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अगर रस्मन ही अब मैं याद आऊँगा
तुझे इग्नोर कर के लौट जाऊँगा

अगर वन काटने का ख़्वाब भी आया
सुनो! कश्ती नहीं काग़ज बनाऊँगा

Vijay Potter Singhadiya
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रात लिखा है कुछ तो यार सुनाओ ना
कौन करेगी अब ज़िद खाना खाओ ना

किसको फ़र्क पड़ेगा मेरे रोने से
कौन कहेगी, बाबू चुप हो जाओ ना

Vijay Potter Singhadiya
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आती तो है यार मगर हरदम नईं आती है
बातें करना तो मुझको भी कम नईं आती है

पर छोड़ो मेरी हालत को तुम क्या समझोगे
गर मैं ताश भी खेलूँ तो बेगम नईं आती है

Vijay Potter Singhadiya
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जो करियर की चिंता करते हैं उनमें आता हूँ मैं
आसन प्राणायाम वग़ैरा भी करने जाता हूँ मैं

तुमको अच्छे लगते होंगे एब्स मिरे यारों लेकिन
माँ को लगता है, टाइम पे खाना नईं खाता हूँ मैं

Vijay Potter Singhadiya
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सरकारी जॉब के चक्कर में मैने लाइफ़ आधी कर ली
मेरे माँ बाबूजी ने पैसे की भी बर्बादी कर ली

तू तो सरकारी जॉब की तैयारी करते रहना पोटर
मेरे मोबाइल के पैटर्न ने यह कह कर शादी कर ली

Vijay Potter Singhadiya

भूखे को तू जल पान कराया कर
मज़हब से ऊपर भी उठ जाया कर

मैं मन्दिर जाता हूँ तेरे ख़ातिर
तू भी मस्जिद में नीर चढ़ाया कर

Vijay Potter Singhadiya

जब वो आँखों के आगे से हट जाती है
यार क़सम से मेरी धड़कन डट जाती है

कानों के पीछे जब उसकी लट जाती है
मेरी तो हिस्ट्री भूगोल पलट जाती है

Vijay Potter Singhadiya

उस के होटों पे, ग़ज़ल होटों से कहनी है
बस तुम तो दुआ ये करो के मुकम्मल हो जाये

Vijay Potter Singhadiya

उसने भेजा हग कर के इस बार मुझे
मतलब ये सर्दी तो, कट ही जाएगी

Vijay Potter Singhadiya
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सब कहते हैं काला अच्छा नइं होता
लेकिन तुमने उसका काजल देखा है

Vijay Potter Singhadiya

उन से तो दुश्मन ही अच्छे
धोखा तो बोल के देते हैं

Vijay Potter Singhadiya

ग़म जुदाई और ढांढस में पढ़ेंगे
इश्क़ में तो यार बोनस में पढ़ेंगे

आज मत दे मेरे शेरों पे तवज्जोह
कल तेरे बच्चे सिलेबस में पढ़ेंगे

Vijay Potter Singhadiya

मौक़ा मिल जाए तो ज़ोन नहीं मिलता
डूबोगे, उल्फ़त में लोन नहीं मिलता

ये लड़कियों का एक बहाना होता है
माँ घर पे रहती है फोन नहीं मिलता

Vijay Potter Singhadiya

दोस्त अहम हैं सात अजूबे वैसे तो
लेकिन तुमने उसकी पायल देखी है

Vijay Potter Singhadiya

जीत भी मंज़ूर मुझको हार भी
मैं दुखी हूँ और मेरा किरदार भी

कब लिखी उसने ख़ुशी इस रोल में
है परेशाँ वो कहानी कार भी

Vijay Potter Singhadiya

बो अगर तू भी शूल बोता है
इश्क़ में सब क़ुबूल होता है

मेरे फ़न के मिजाज़ पे मत जा
नाचते वक़्त मोर रोता है

Vijay Potter Singhadiya

फ़न आता तो सिखला देता इसमें मेरा क्या जाता है
मैंने तो बस इश्क़ किया था मुझको फ़न-वन नइँ आता है

उसको तो अब भी ये लगता है उसने छोड़ा है मुझको
कोई उसे समझाओ शेर कभी भी घास नहीं खाता है

Vijay Potter Singhadiya

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