ग़म जुदाई और ढांढस में पढ़ेंगेइश्क़ में तो यार बोनस में पढ़ेंगेआज मत दे मेरे शे'रों पे तवज्जोहकल तेरे बच्चे सिलेबस में पढ़ेंगे— Vijay Potter Singhadiya