Meaning of

तवज्जोह

tavajjoh • برق

ध्यान; एकाग्रता; विचार

attention; focus; consideration

توجہ; ارتکاز; غور

Arabic

हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं — Sahir Ludhianvi
कभी यक-ब-यक तवज्जोह कभी दफ़अ'तन तग़ाफ़ुल मुझे आज़मा रहा है कोई रुख़ बदल बदल कर — Shakeel Badayuni
मेरे रश्क-ए-क़मर तू ने पहली नज़र जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया बर्क़ सी गिर गई काम ही कर गई आग ऐसी लगाई मज़ा आ गया — Fana Bulandshahri
किसी की बर्क़-ए-नज़र से न बिजलियों से जले कुछ इस तरह की हो ता'मीर आशियाने की — Anwar Taban
वालिद तिरा है ज़ुल्म हम पर कर रहा यूँँ भेजकर बाज़ार बुर्के में तुझे — Kuldeep Tripathi KD

'तवज्जोह' शब्द एकाग्रता और ध्यान की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर किसी विषय या प्रिय के प्रति भावनात्मक और बौद्धिक जुड़ाव को गहरा करता है। यह किसी महत्वपूर्ण चीज़ की ओर मन और हृदय को जानबूझकर मोड़ने का सुझाव देता है।

कवि 'तवज्जोह' का उपयोग प्रिय या विचार पर ध्यान की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह ध्यान देने की लालसा या विचार की गहराई को व्यक्त कर सकता है। अक्सर उदासीनता के विपरीत, यह जुड़ाव की लालसा को उजागर करता है।

कविता में, 'तवज्जोह' हृदय और संसार के बीच एक पुल बन जाता है, मान्यता और समझ के लिए एक मौन याचना।