Sachin Sharma

Top 10 of Sachin Sharma

    पहले ही मिसरे में आप याद आ गए
    और ग़ज़ल ये धरी की धरी रह गई
    Sachin Sharma
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    कि जाहिलों से बड़ी अदब से मैं पेश आऊँ
    ग़लत सुना है मिरा ये तर्ज़ ए अमल नहीं है
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    लगता है बदतमीज़ को भी आने लग गए
    उस्ताद हम से शे'र सुधरवाने लग गए
    Sachin Sharma
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    तेरे होठों पे है, ख़ूबसूरत सा तिल
    जाने कब वो चुरा ले गया मेरा दिल
    Sachin Sharma
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    किताबों में पढ़ा था मीरो ग़ालिब को
    कभी हो दर्ज शर्मा नाम मेरा भी
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    थोड़ी नज़र कमज़ोर है
    दिल मेरा आदम-ख़ोर है

    ऐनक लगी दिन भर रही
    आँखों पे कितना ज़ोर है

    हम शेर क्या कहने लगे
    महफ़िल में देखो शोर है

    ऊपर से कब वो खींच ले
    जीवन की छोटी डोर है

    इकदम सही अंदाज़ा है
    लाला तो बिल्कुल चोर है
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    Sachin Sharma
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    दो और दो ये पाँच कब कैसे हुआ
    इक और इक ग्यारह के ही जैसे हुआ
    Sachin Sharma
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    साबित हुआ ग़लत मेरा अब कहा सुना सब
    जा माँफ कर दिया तेरा अब कहा सुना सब
    Sachin Sharma
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    अनगिनत से सवाल लाएँ हैं
    एक मोती निकाल लाएँ हैं

    तालियाँ ज़ोर से बजाना तुम
    एक शायर कमाल लाएँ हैं
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    Sachin Sharma
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    गुलिस्ताँ अब भी वैसा है कली मुरझा गई है बस
    निमंत्रण पर किसी भौंरे के तितली आ गई है बस
    Sachin Sharma
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