पहले ही मिसरे में आप याद आ गए
और ग़ज़ल ये धरी की धरी रह गई
और ग़ज़ल ये धरी की धरी रह गई
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अनगिनत से सवाल लाएँ हैं
एक मोती निकाल लाएँ हैं
Read Fullएक मोती निकाल लाएँ हैं
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गुलिस्ताँ अब भी वैसा है कली मुरझा गई है बस
निमंत्रण पर किसी भौंरे के तितली आ गई है बस
निमंत्रण पर किसी भौंरे के तितली आ गई है बस
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