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जब दिल हो मुझ से मिलने आया करती थी
मैं जानें को कहता रो जाया करती थी
मैं जानें को कहता रो जाया करती थी
बातों से दिल भर भी जाता था उस का फिर
तब जा कर वो मेरा सर खाया करती थी
इतना काफी है उस को दिल देना मेरा
मीलों चल कर वो खाना लाया करती थी
हँसने पर हँसती रोने पर मर जाती थी
ग़म के बादल में ज़ुल्फ़ें साया करती थी
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बचा लेता अगर जो डूबने से इश्क़ में तुम को
तुम्हें था ज़ो'म दिल में यार गहराई नहीं होती
तुम्हें था ज़ो'म दिल में यार गहराई नहीं होती
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नहीं मालूम वो किस शक्ल में करता मदद मेरी
फ़रिश्तों की सुनी है यार परछाई नहीं होती
फ़रिश्तों की सुनी है यार परछाई नहीं होती
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कर भी रहा है मुश्किलों से बाप बेटी को विदा
है दायज़ा का बोझ जो दिल से नहीं जा पा रहा
है दायज़ा का बोझ जो दिल से नहीं जा पा रहा
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